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हिमाचल में पाइप्ड कुकिंग गैस किचन तक पहुंचने
का इंतजार
ऊना में 13,000 घरों के लिए बिछ चुकी
है पाइप...
विशेष संवाददाता
शिमला : देश के बड़े शहरों की तरह अब कुछ ही समय में हिमाचल के शहरी इलाकों में
पाइप्ड लाइन के जरिए कुकिंग गैस पहुंचा दी जाएगी। इससे
लोगों को जहां गैस सिलेंडर लाने ले जाने के झंझट से छुटकारा मिल सकेगा वहीं यह
काफी सस्ती भी पड़ेगी। प्रदेश सरकार एलपीजी पाइप्ड
नेचुरल गैस की पहुंच लोगों के किचन तक पहुंचाने के लिए सीजीडी यानि सिटी गैस
डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के विस्तार को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रही है।
हिमाचल प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने सभी विभागों को इस कार्य में सहयोग
करने को कहा है। सरकार की ओर से लंबित आवेदनों पर शीघ्र कार्यवाही करने और
निधरारित मानकों के अनुसार समयबद्ध स्वीकृति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जा
चुके हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव सीजीडी कंपनियों के प्रतिनिधियों
को भी संबंधित विभागों के अधिकारियों
के साथ सक्रिय समन्वय स्थापित कर प्रक्रियाओं में तेजी लाने को कहा है ताकि लोगों
को शीघ्र इस सुविधा का लाभ मिल सके।
कहते है कि हिमाचल के ऊना जिले में लगभग 13,000 घरों तक पाइपलाइन बिछाई जा चुकी
है, जिनमें से करीब 6,000 उपभोक्ता वर्तमान में खाना बनाने के लिए प्राकृतिक
गैस का उपयोग कर रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि इसी तरह का नेटवर्क प्रदेश के
अन्य नगरों में भी स्थापित किया जाए। पिछले दिनों अतिरिक्त मुख्य सचिव, खाद्य,
नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले ने राज्य में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी)
नेटवर्क के विस्तार की समीक्षा बैठक में इस बात की जानकारी दी थी। बैठक में
राज्य में कार्यरत चार सीजीडी कंपनियों के समक्ष आ रही चुनौतियों पर भी विस्तार
से चर्चा हो चुकी है।
सीजीडी नेटवर्क भूमिगत पाइपलाइनों का आपस में जुड़ा तंत्र है, जो घरों,
व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और उद्योगों को सीधो प्राकृतिक गैस की आपूर्ति करता
है। सीजीडी कंपनियों को नेटवर्क विस्तार में कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़
रहा है। इन समस्याओं के समाधान के लिए राज्य सरकार ने मार्च, 2026 में एक अधिसूचना
जारी कर हिमाचल प्रदेश भूमि सुधार अधिनियम की धारा 118
के तहत भूमि खरीद प्रक्रिया को सरल बनाया है। संशोधित
प्रक्रिया के अनुसार सीजीडी कंपनियां अब अपने आवेदन आवश्यक दस्तावेजों सहित सीधो
निदेशक, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले को प्रस्तुत करेगी। इसके बाद
निदेशक उक्त मामलों को प्रशासनिक विभाग के माध्यम से राजस्व विभाग को स्वीकृति
के लिए अग्रेषित करेंगे।
सरकार ने पहले ही कह रखा है कि सीजीडी कंपनियों को सरकारी भूमि या संपत्तियों
पर कार्य करने के लिए लोक निर्माण विभाग को बैंक गारंटी देनी होगी। साथ ही उन्हें
खुदाई और पुनसर्थापन कार्य संबंधित विभागों अथवा
स्थानीय निकायों के अनुसार करना होगा। पाइप्ड नेचुरल गैस बिछाने के लिए सरकार
इस पर तेजी से कार्य कर रही है।
खाड़ी देशों में भीषण युद्ध के बाद जिस प्रकार लोगों को गैस की किल्लत झेलनी पड़ी
और गैस सिलेंडर लेने के लिए लाइनों में खड़ा होना पड़ा उससे लोगों का रुझान अपने
किचन में गैस का कनेक्शन लेने की ओर बढ़ा है। हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में लोग
इस सेवा के मिलने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। लोग अब सिलेंडर ढो ढोकर
उक्ता चुके हैं। उन्हें इंतजार है कि यह सुविधा उन तक कब तक पहुंचती है।
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