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किरकिरी हो रही
है आप के केजरीवाल की
केजरीवाल को पंजाब की चिंता सता
रही है...
आम आदमी पार्टी (आप) में बगावत के लिए अरविंद
केजरीवाल की काफी किरकिरी हो रही है। क्योंकि केजरीवाल ने ही आम कार्यकर्ताओं
को नजर अंदाज कर बागी सैलिब्रिटीज को कार्यकर्ताओं के सिर पर बिठा दिया। बड़ा
झटका देते हुए राज्यसभा में उसके 10 में से सात सांसद पार्टी छोड़कर चले गए
हैं। दिल्ली हारने और इस घटना के बाद इंडिया गठबंधन में भी केजरीवाल का महत्व
कम हो गया है।
अभी आठ जून को हुई इंडिया गठबंधन की बैठक में भी केजरीवाल को कोई महत्व नहीं
दिया गया। केजरीवाल पंजाब चुनाव को लेकर चिंतित हैं। लेकिन सांसद राघव चड्ढा के
नेतृत्व में हुई इस बगावत के बाद संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने भाजपा की
सदस्यता ग्रहण कर ली। इसमें संशय खड़ा करने का प्रयास किया गया कि आप के बागी
सांसद भाजपा में शामिल नहीं हुए हैं। बाद में आप पर आरोप लगाते हुए राघव ने
कहा, चार अन्य सांसद स्वाति मालीवाल, हरभजन सिंह, विक्रमजीत सिंह साहनी और
राजिंदर गुप्ता ने भी पार्टी छोड़ने के पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस बगावत को करने वालों में सबसे चैंकाने वाला नाम अशोक मित्तल का है जिन्हें
आप ने हाल ही में राघव को हटाकर राज्यसभा में पार्टी का उपनेता बनाया गया था।
इससे दस दिन पहले उनके कई ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छापे मारे थे।
इससे पहले, राघव ने प्रेस काॅन्फ्रेंस में एलान किया कि राज्यसभा में पार्टी के
दो-तिहाई सदस्यों ने भाजपा में विलय का फैसला किया है। हमने इससे संबंधाित
हस्ताक्षरित पत्र व दस्तावेज राज्यसभा सभापति को दे दिए हैं।
आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस टूट पर कहा, भाजपा पंजाब के लोगों के साथ
अन्याय कर रही है और भाजपा ने पंजाबियों को धाोखा दिया। पंजाब के मुख्यमंत्री
भगवंत मान ने पार्टी तोड़ने वालों को गद्दार कहा। पंजाब के लोग आप के साथ हैं।
पार्टी किसी व्यक्ति से बड़ी है। अब केजरीवाल का राजनैतिक भविष्य केवल पंजाब पर
निर्भर करता है।
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